मेरे खुश्क से होंठों में तू चलती है गज़ल सी आँखों के साए में खिले किसी नील कमल सी तेरे इश्क से मिली है ये सौगात मुझको मेरे दिन हैं गुलज़ार और रातें सज़ल सी।
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