तेरे हाथों की लकीरों में, मैं आ कर के बस जाता तुम्हे, मुझसे मोहब्बत है बता देतीं अगर पहले.. कशिश पाने की तुमको है या ग़म खो देने का है फिर ये सब मैं दफ्न कर देता बता देतीं अगर पहले।
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