मुझे खाना बनाना आता है, सिर्फ इसलिए कोई मुझे पसंद कर ले ?
तमीज़ और सलीका दोनों है ,सिर्फ इसलिए कोई मुझे पसंद कर ले ?
मैं दिखने में अच्छी हूँ, सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
अच्छा कमा लेती हूँ,सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
अच्छा करियर है,सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
सो कॉल्ड चरित्रवान् हूँ, सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
घर बाहर संभाल सकती हूँ,सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
सक्षम हूँ, साहसी हूँ,सिर्फ़ इसलिए मुझे कोई पसंद कर ले ?
और अगर इनमे से कुछ भी नहीं हूँ,तो सिर्फ इसलिए नापंसद कर दे ?
माफ़ कीजियेगा, मेरे जीवन की कसौटियां इतनी ओछी नहीं हैं।
इन अर्थहीन, मूल्यहीन बातों से मैं खुद को नहीं तौल सकती।
किसी के साथ जीवन बिताने की जो शर्तें समाज में हैं, उनसे मेरी ज़िन्दगी नहीं चल सकती।
शर्त सिर्फ एक - अगर कोई दिल को छू गया तो वो जो हो जैसा हो सब मंज़ूर है।फिर सारी दुनियादारी गई तेल लेने।
Tuesday, November 22, 2016
गीतांजलि
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